MRS. DIMPI BHATT

मैं डिम्पी भट्ट, तीन साल पूर्व स्तन कैंसर से ग्रसित हुई थी. बहुत असहनीय  और पीड़ादायक था. डॉक्टर जतिन ने मुझे कीमोथेरेपी और आपरेशन का इलाज बताया. मुझे ये सुनकर बाहर कष्ट हुआ की मेरी एक ब्रैस्ट काटनी पड़ेगी. परंतु किसी तरह हिम्मत करके मैंने इलाज शुरू करवाया. पहले पहले कुछ दिन तक तो मुझसे सर्जरी के बाद का दर्द बिलकुल सहन नहीं होता था. हिम्मत करके और दर्द की दवाईयां लेकर मैं जैसे तैसे अपना नियमित काम स्वयं करने की कोशिश करती थी.कीमोथेरेपी के कुछ दिन बाद तक भी उलटी, जी कच्चा होना, बाल गिरना ,हाथ पैरों मैं कमजोरी होना , कब्ज होना इत्यादि लगा रहता था. मेरे नित्यक्रम में रोज सुबह २ गिलास गरम पानी पीना, २ चम्मच अमले का रास, , १  कीवी और अनार का फल, एक समय खाने में खिचड़ी और रोज की सर की मालिश. मेरे घर के सदस्ये भी बहुत परेशां रहते थे, परंतु मेरे सामने जब भी आते, मुस्कुराते चेहरे से ही आते. कभी कभी तो दिन इतने लंबे लगते थे तो मुझे लगता था ये समय कैसे कटेगा!!!!. मैंने किताबें पढ़ना शुरू किया, रामायण और गीता पढ़ना शुरू किया जिससे मेरा ध्यान बंट जाता था. डॉक्टर जतिन मेरे लिए भगवन बनकर आये. वो मुझे हर पल इस रोग से लड़ने का हौंसला देते थे. आखिर उनका ये सकारात्मक रवैया  और अच्छा इलाज रंग लाया. आज मैं इस रोग से पूरी तरह से ममुक्त हूँ. हर ३ या ६ महीने बाद फॉलो-उप के लिए जाती हूँ और हर बार सही  रिपोर्ट्स देख कर भगवान् का शुक्रिया करती हूँ. मैं डॉक्टर जतिन सरीन की बहुत आभारी हूँजिन्होंने मुझे स्वस्थ किया और मेरी परिवार की खुशियां लौटाई.